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रूस ने 4 दिनों में कोरोना ठीक करने वाली दवा से इलाज शुरू करने को दी मंजूरी

रूस में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगभग लाख से अधिक हो गई है वही रूस ने कम लोगों पर ही दवा का प्रयोग करके रूसी स्वासथ मंत्रालय ने दवा के उपयोग को मंजूरी दे दी है। इस दवा की टेस्टिंग के दौरान ज्यादातर मरीज दिन में ठीक होने का दावा RDIF ने पिछले हफ्ते किया था.... कोरोना के उपचार के लिए दवाओं और वैक्सीन की शोध पूरे विश्व के वैज्ञानिक कर रहे हैं.. वही किसी देश में दूसरे चरण की टेस्टिंग चल रही तो कोई देश अंतिम चरण की टेस्टिंग का दावा किया  जा रहे हैं। पूरा विश्व शोध और टेस्टिंग कर रहा इस दौरान रूस ने गुरूवार को कोरोना का इलाज करने वाली एक दवा की आधिकारिक घोषणा कर दी है।


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आपको बता दे की रूस में कोरोना संक्रमितों की संख्या लाख से अधिक हो गई है। इसलिए अपने यहां कोरोना संक्रमितों का उपचार करने के लिए रूस ने एक एंटी वायरल दवा को अधिकृत मंजूरी दी है...रायटर्स के अनुसार इस दवा को बनाने के लिए निवेश करने वाले निवेशकों ने यह जानकारी दी है...
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रूस की RDIF का सार्वभौमिक अधिकार रखने वाले मंडल ने अपने प्रेसनोट में कहा है कि इस दवा का नाम एविफेविर है। यह दवा देश के विभिन्न भागों में उपलब्ध कराई जायेगी। दवा को बनाने के लिए विदेशी निवेशकों की मदद ली गई है जिसमें केमरार कंपनी की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस दवा की क्लीनिकल जांच बहुत कम समय में की गई है। इस दवा की मांग और जरूरत को ध्यान में रखते हुए विशेष नियमों के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस दवा के उपयोग की तुरंत मंजूरी दी है। रूस ने कम लोगों पर ही दवा का टेस्ट करके दवा के उपयोग को मंजूरी दे दी है। इस दवा की टेस्टिंग के दौरान ज्यादातर मरीज दिन में ठीक होने का दावा RDIF ने पिछले हफ्ते किया था। इसलिए मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस दवा के उपयोग को मंजूरी दी गई है....वही लोकसत्ता में छपी खबर के मुताबिक रूस के सभी भागों में दवाई पहुंचाने का काम सरकार द्वारा शुरू किया गया है। पहले चरण में गुरूवार को 80 से राज्यों में से राज्यों में दवा पहुंचाई गई है। सरकार द्वारा वहां के अस्पतालों में इस दवा का उपयोग करने को कहा गया है। एविफेविर दवा को फेवीपीरावीर के नाम से जाना जाता है। 
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जापान में इसका उपयोग बुखारसर्दी के इलाज के लिए किया जाता है.... जापानी मूल की फेवीपीरावीर दवा के असर को बढ़ाने के लिए रूसी वैज्ञानिकों ने उसमें कुछ बदलाव किये हैं। RDIF के प्रमुख ने पिछले हफ्ते स्पष्ट किया था कि इस  दवा में क्या बदलाव करके इसे कोरोना के लिए असरकारक बनाया गया है इसकी जानकारी अगले हफ्तों में दुनिया को दी जायेगी।

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