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PM Modi ने किया लेह का दौरा, फॉरवर्ड ब्रिगेड में सिंधु दर्शन पूजा की


पीएम मोदी ने सिंधु दर्शन पूजा की


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन सीमा पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए बिना किसी जानकारी और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के लेह से करीब 25 किलोमीटर दूर न्योमा पहुंचे. प्रधानमंत्री मोदी ने लद्दाख में फॉरवर्ड ब्रिगेड में नीमू पहुंचने पर सिंधु दर्शन पूजा की. प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी मौजूद थे. आपको बता दें कि लेह हवाई अड्डे पर वायुसेना के विशेष विमान से उतरने के बाद प्रधानमंत्री मोदी हेलिकॉप्टर में सवार होकर सीधे न्योमा पहुंचे. वहां नॉर्दर्न कमांड के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल वाई. के. जोशी ने पीएम मोदी को लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीन के साथ मतभेदों को लेकर जमीनी हालात की जानकारी दी.


मोदी ने बिना नाम लिए चीन पर निशाना साधा


एक तरफ जहां न्योमा में सेना की ब्रिगेड हेडक्वॉर्टर के साथ-साथ कई सैन्य रेजिमेंट के बटालियन हेडक्वॉर्टर हैं, वहीं यह जगह भारत के इतिहास के साथ जुड़ी सिंधु नदी के किनारे पर है. यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी को लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के सभी हालात की जानकारी सैन्य कमांडर द्वारा सिंधु नदी के किनारे पर दी गई. हर साल जून या जुलाई के महीने में सिंधु दर्शन के मेले का आयोजन भी होता है, जिसकी शुरुआत नब्बे के दशक में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने की थी. हालांकि इस साल कोरोना वायरस के चलते इस मेले का आयोजन नहीं हो पाया. न्योमा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना के जवानों को भी संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने बिना नाम लिए चीन पर निशाना भी साधा था. पीएम मोदी ने कहा कि विस्तारवाद का युग खत्म हो चुका है. अब विकासवाद का समय आ गया है. तेजी से बदलते हुए समय में विकासवाद ही प्रासंगिक है. विकासवाद के लिए अवसर है और विकासवाद ही भविष्य का आधार है।



पीएम मोदी के लेह पहुंचने से चिढ़ा चीन


एलएसी पर तनाव के बीच पीएम नरेंद्र मोदी के लेह दौरे से चीन चिढ़ गया है। भारत के तेवर देखकर अब चीन बातचीत और कूटनीति की दलीलें दे रहा है। शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और चीन के बीच बातचीत चल रही है। तनाव घटाने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत हो रही है। ऐसे में किसी पक्ष को हालात बिगाड़ने वाले कदम नहीं उठाने चाहिए।



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