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बलिया गोलीकांड: पुलीस पर लगे गम्भीर अरोप, पुलीस ने आरोपी को भगाने मे की है मदद,सुरेंद्र सिंह ने आरोपी का किया समर्थन

बलिया हत्याकांड पर एक बार फिर पुलीस निशाने पर है, मृतक के भाई ने कहा की जब धीरेंद्र प्रताप ने जब फायरिंग कर रहा था तो पुलीस धीरेंद्र प्रताप का बचाव कर रही थी और मृतक के तरफ के लोगो को पीट रही थी। बता दे की मृतक के भाई ने यह भी आरोप लगाया है कि वारदात के बाद पुलिस ने हत्याकांड को अंजाम देने वाले धीरेंद्र प्रताप को पकड़ लिया था लेकिन बाद में उसे भीड़ से बाहर ले जाकर छोड़ दिया।

एक तरफ प्रदेश सरकार अपराध कम होने के दावे कर रही है वहीं दूसरी ओर आए दिन यूपी में रेप, हत्या, चोरी, डकैती के मामले सामने आ रहे हैं । वही बलिया में दिन दहाड़े युवक की हत्या का आरोप बीजेपी नेता धीरेंद्र सिंह पर लगा है। जिस वक्त वहां पर जयप्रकाश पाल को गोली मारी गई उस समय वहां एसडीएम और सीओ भी मौजूद थे,युवक को गोली लगते ही मौके पर भगदड़ मच गई । इसके बाद लोग इधर-उधर भागने लगे। भगदड़ का फायदा उठाकर आरोपी धीरेंद्र सिंह भी मौके से फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस ने बीजेपी नेता धीरेंद्र सिंह के खिलाफ रेवती थाने में हत्या का केस दर्ज कर लिया है। वहीं मृतक के बेटे ने बताया कि सीओ, इंस्पेक्टर और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दबंगों ने पिता को गोली मारी है, और पुलिस खड़े होकर तमाशा देखती रही। वही बताया जा रहा की धीरेंद्र प्रताप सिंह बलिया के बेरिया से बीजेपी के चर्चित विधायक सुरेंद्र सिंह का करीबी है।

कोटे की दुकान को लेकर हुआ विवाद


बता दे की मृतक जयप्रकाश पाल के भाई तेजबिहारी पाल ने बताया कि कोटे की दुकान को लेकर दो प्रत्याशी लड़ रहे थे और वह बाहर से आदमी लेकर आए और एसडीएम साहब ने कहा कि जो लोग यहां के हैं वही यहां रहेंगे हम उनसे प्रमाण प्रूफ लेंगे, नहीं तो उसको लाइन से बाहर निकाल देंगे.  इसी दौरान धीरेंद्र प्रताप सिंह से जुड़े लोग ईंट पत्थर और गोली चलाने लगे. उन्होंने कहा कि करीब करीब 15-20 फायर हुआ. उसमें एक बाहरी बदमाश है उसे हम पहचानते नहीं हैं. एक अजय सिंह नाम का व्यक्ति फायर कर रहा था, पीड़ित का दावा है कि धीरेन्द्र प्रताप हमारे भाई को गोली मार दिया।

आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा, डीआईजी जायजा लिया


वही पुलिस ने इस हत्याकांड में  कुल आठ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक दर्जन से ज्यादा टीमें लगाई गई हैं। देर रात डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने भी मौका ए वारदात का जायजा लिया डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि इस घटना में 8 लोग नामित किए गए हैं. उसमें एक मुख्य हत्यारोपी है जिसने फायर किया है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस घटना को चुनौती के रूप में लिया है और इस मामले में पुलिस ऐसा एक्शन लेगी कि उदाहरण बन जाएगा।

योगी सरकार ने लिया एक्शन, कई अधिकारी सस्पेंड

वही सीएम योगी ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की है और मौके पर मौजूद एसडीएम, सीओ और अन्य पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया है, साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिये हैं। वहीं सपा और कांग्रेस के आरोप पर बलिया के बीजेपी जिलाध्यक्ष जय प्रकाश शाह ने कहा कि आरोपी धीरेंद्र सिंह बीजेपी में किसी पद पर नहीं है। जबकि धीरेंद्र सिंह के फेसबुक अकाउंट के मुताबिक, वह 2011 से राजनीति से जुड़ा हुआ है, और अपने को बीजेपी का कार्यकर्ता बताता है।

सुरेंद्र सिंह, बलिया के भाजपा विधायक का बयान

घटना बहुत परेशान करने वाली है, यह नहीं होनी चाहिए थी लेकिन मैं प्रशासन की एकतरफा जांच की निंदा करता हूं। घटना में घायल हुई छह महिलाओं के दर्द को कोई नहीं देख रहा है। धीरेंद्र सिंह ने आत्मरक्षा में फायर किया: सुरेंद्र सिंह, बलिया के भाजपा विधायक


डीआईजी ने पुलीस पर लगया लापरवाही का अरोप


डीआईजी के मुताबिक दावा किया गया है कि जिस हथियार की फायरिंग से शख्स की मौत हुई है वह लाइसेंसी रिवॉल्वर थी, इसकी जांच आरोपी के पकड़े जाने और पिस्टल की रिकवरी के बाद ही हो पाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी स्पष्ट हो जाएगा की गन शॉट की इंजरी किससे हुई है। सुभाष चंद्र दुबे ने कहा कि मृतक के भाई द्वारा बताया गया है कि पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया था इसके बाद भीड़ का फायदा उठाकर वह भाग गया। ये निश्चित रूप से पुलिस की लापरवाही है और इस पर सख्त एक्शन होगा।

 

 

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