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अमेरिका के राष्ट्रपति 46वें राष्ट्रपति बने जो बाइडेन लोगो ने सड़कों पर जीत का जश्न मनाया

आखिरकार अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों के नतीजे आ चुके हैं और वाइट हाउस की कमान डेमोक्रैट कैंडिडेट जो बाइडेन के हाथ में आ गयी है। CNN के प्रोजेक्शन के मुताबिक बाइडेन ने रिपब्लिकन कैंडिडेट डोनाल्ड ट्रंप को पीछे छोड़ते हुए पेंसिल्वेनिया अपने नाम कर लिया । वही जो बाइडेन अमेरिका में 46वें राष्ट्रपति बन गये है। जो बाइडन यानी जोसेफ आर बाइडन जूनियर संयुक्त राज्य अमेरिका के अगले राष्ट्रपति चुने गए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से बाइडन ने 290 इलेक्टोरल वोट हासिल किए वहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को 214 वोट मिले। इसी के साथ ही तीन नवंबर को चुनाव के बाद शुरू हुई गहमागहमी समाप्त हो गई और अमेरिका के इस चुनावी नाटक का पटाक्षेप हो गया।  

 


जानिये जीत के बाद क्या कहा बाइडन ने

जीत के बाद बाइडन ने कहा- अमेरिकी जनता ने मुझ पर और कमला हैरिस पर जो भरोसा जताया है उससे मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। तमाम मुश्किलों के बावजूद रिकॉर्ड संख्या में अमेरिकियों ने मतदान किया था। एक बार फिर साबित हुआ कि अमेरिका के दिल में लोकतंत्र गहरा बसा हुआ है

 

वही बाइडन ने ट्वीट कर कहा, 'आपने मुझे अमेरिका जैसे महान देश का नेतृत्व करने के लिए चुना है, इसके लिए मैं आभारी हूं। आगे का काम कठिन होगा, लेकिन मैं आपसे यह वादा करता हूं कि मैं सभी अमेरिकियों के लिए राष्ट्रपति बनूंगा, चाहे आपने मुझे वोट दिया या नहीं। उल्लेखनीय है कि इस चुनाव में साल 1900 के बाद सबसे अधिक वोट पड़े हैं। एक आंकड़े के अनुसार इस चुनाव में बाइडन को जितने वोट मिले हैं (सात करोड़ से ज्यादा), उतने किसी भी राष्ट्रपति को नहीं मिले। 

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों के नतीजे आते ही अमेरिका के लोग वॉशिंगटन डीसी की सड़कों पर जो बिडेन की जीत का जश्न मनाने लगे

 

कोरोना वायरस रणनिती आयी काम

शनिवार को अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए डमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन ने कहा कि हम इस कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए पहले ही दिन से अपनी योजना को अमल में लाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'अमेरिकी नागरिकों ने डेमोक्रेट्स को कोरोना वायरस संकट, आर्थिक मंदी और नस्लवाद की समस्या पर कार्रवाई करने के लिए चुना है और हम पहले दिन से ही इस पर काम करेंगे।'

 


जो बाइडेन के इस ऐलान से साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका में एक बार फिर से कोरोना वायरस पर काबू पाने के लिए कुछ कड़े प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, वैसे में या तो फिर से शहरों को लॉक किया जा सकता है या फिर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर कड़े नियम लागू किए जा सकते हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि लगातार तीन दिनों से अमेरिका में कोरोना वायरस के नए मामलों में बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है। आज के आंकड़ों पर गौर करें तो अमेरिका में कोरोना ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां एक दिन में कोरोना के 1.28 लाख से अधिक नए मामले सामने आए हैं।

 

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