Exclusive : महंत नरेंद्र गिरि का सुसाइड नोट आया सामने, शिष्य आनंद गिरि पर संगीन आरोप

                                    

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Narendra Giri Maharaj Suicide Note :महंत नरेंद्र गिरि का सुसाइड नोट आया सामने 8 पेज का सुसाइड नोट बरामद आनंद गिरि को बताया मौत का जिम्मेदार आद्या तिवारी और संदीप तिवारी मौत के जिम्मेदार महंत नरेंद्र गिरि का आठ पन्ने का सुसाइड नोट है. हर पन्ने के नीचे उन्होंने दस्तखत किया हुआ है. इसमें लिखा है कि इस महीने की 13 तारीख को भी उनके मन में आत्महत्या करना का खयाल आया था. सुसाइड नोट में तारीख है, सिलसिलेवार तरीके से बताया गया है कि आनंद गिरि से वे कैसे मानसिक तौर पर परेशान रहते थे, उसके बाद आद्या प्रसाद तिवारी का क्या रोल था, संदीप तिवारी का क्या रोल था, उत्तराधिकारी बलबीर पुरी को बनाया जाएगा उसके बारे में जिक्र है

सुसाइड नोट में कई जगहों पर काटा गया है और बाद में दोबारा से लिखा हुआ है. ये सुसाइड नोट नॉर्मल पेपर पर नहीं लिखा गया है बल्कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के लेटर हेट पर ये लिखा गया है. नरेंद्र गिरि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष थे.

13 सितंबर को करने वाले थे सुसाइड

महंत नरेंद्र गिरि का जो सुसाइड नोट मीडिया के पास है उसमें ये भी लिखा है कि वह 13 सितंबर को भी आत्महत्या करने जा रहे थे लेकिन हिम्मत नहीं कर पाए। आज (20 सितंबर) जब हरिद्वार से सूचना मिली कि आनंद गिरी कंप्यूटर के माध्यम से किसी महिला या लड़की की फोटो को उनकी फोटो के साथ लगाकर उसे वायरल करने वाला है तो वह बेहद आहत हो गए।

नरेंद्र गिरि के मन में क्या चल रहा था, पिछले कुछ महीनों से क्या-क्या हालात थे इन बातों का विस्तार से जिक्र किया गया है. इसी सुसाइड नोट के आधार पर यूपी पुलिस जांच कर रही है और आनंद गिरि से भी पूछताछ हो रही है. इसमें लिखा है, “मैं नरेंद्र गिरि 13 सितंबर को आत्महत्या करने जा रहा था लेकिन हिम्मत नहीं हुई.

मेरी हत्या के जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई हो- नरेंद्र गिरि

महंत नरेंद्र गिरि ने अपने आखिरी खत में लिखा है कि उनकी मौत की जिम्मेदारी आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी की है। पुलिस अधिकारियों से मैं अनुरोध करता हूं कि इन पर एक्शन लिया जाए। मेरी हत्या के जिम्मेदार उपरोक्त लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। ताकि मेरी आत्मा को शांति मिले।

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